स्वदेशी गो-संवर्धन योजना में तेज प्रगति पर फोकस, सभी जिलों में बढ़ी रफ्तार
योगी सरकार की सख्त मॉनिटरिंग से क्रियान्वयन में आई तेजी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा नया बल
गो-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल
लखनऊ
योगी सरकार की मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना अब प्रदेश में तेज प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे जिलों में कार्य की रफ्तार बढ़ी है और योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में योजना के तहत लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इसके चलते पशुपालकों और किसानों की भागीदारी में वृद्धि हुई है और गो-आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। योजना का उद्देश्य केवल पशुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना भी है।
योगी सरकार द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजना के प्रत्येक चरण (चयन, स्वीकृति, अनुदान और क्रियान्वयन) को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए। इसी क्रम में जिलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर समन्वय को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ किसी भी पात्र लाभार्थी से वंचित न रह जाए।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि
इस योजना के माध्यम से गो-आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन, जैविक खेती और संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे न केवल किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार भी हो रहा है। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
योगी सरकार लगातार इस दिशा में प्रयासरत है कि योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे और उनका जीवन स्तर बेहतर हो। तेज प्रगति, प्रभावी क्रियान्वयन और सुदृढ़ मॉनिटरिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना को प्रदेश के ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। यह पहल न केवल पशुपालन क्षेत्र को नई गति दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

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