नई दिल्ली
Bridgestone AirFree Tyres: सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त टायर पंचर हो जाए, तो सबसे पहले मन में यही ख्याल आता है कि आज तो दिन खराब हो गया. हवा निकली, गाड़ी रुकी, और सफर अटक गया. लेकिन अब टायर की दुनिया में एक ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो इस झंझट को बीते वक्त की बात बना सकती है. जापान की मशहूर टायर कंपनी Bridgestone ने ऐसा टायर पेश किया है, जिसमें हवा की ही जरूरत नहीं है. यानी न हवा भरने की टेंशन, न पंचर का डर, और न ही बीच सड़क पर रुकने की मजबूरी.
Bridgestone ने अपने एयरलेस टायर की थर्ड जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठा दिया है. इस नए Airfree Tyre में पहले के मुकाबले कई अहम सुधार किए गए हैं, जाकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. कंपनी इसे कॉन्सेप्ट स्टेज से आगे ले जाकर अब रियल वर्ल्ड यानी प्रोडक्शन रेडी लेवल पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस एयर फ्री टायर को लेकर धीमें-धीमें सोशल इम्प्लीमेंटेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब तक भविष्य का टायर कहे जाने वाला एयरलेस टायर जल्द ही सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों में नज़र आएंगे.
AirFree Tyre की तकनीक
ब्रिजस्टोन के इस थर्ड जेनरेशन एयरफ्री टायर में एडवांस सिमुलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही मजबूत और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बना स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये एयरफ्री टायर अलग अलग मौसम और सड़क की स्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसका मकसद टायर को ज्यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला बनाना है.
AI बेस्ड डायनामिक स्ट्रक्चर
इस टायर की एक ख़ास बात ये भी है कि, इसमें डायनामिक स्ट्रक्चरल डिजाइन दिया गया है. यह सेकंड जेनरेशन के राइड कंफर्ट वाले फोकस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑटोमेटेड लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम टायर के आकार और उस पर पड़ने वाले दबाव को अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है. इससे टायर का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में आसानी से किया जा सकता है.
ब्लू स्पोक्स से बढ़ी सेफ्टी
कंपनी ने इन टायरों के निर्माण में ब्लू स्पोक्स (नीले रंग के स्पोक व्हील्स) जैसे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आम भाषा में समझें तो टायर के अंदर नीले रंग के स्पोक्स लगाए गए हैं, जो कम रोशनी और शाम के समय साफ नजर आते हैं. इसका मकसद लोकल कम्युनिटी मोबिलिटी में सेफ्टी को और बेहतर बनाना है. इनमें हवा की जगह रिसाइकल होने वाली थर्मोप्लास्टिक रेजिन से बने स्पोक्स लगाए गए हैं, जो गाड़ी का पूरा वजन आसानी से उठा सकते हैं. ब्रिजस्टोन का यह भी दावा है कि, ये स्पोक्स सड़क के झटकों को भी कम करते हैं.
इन टायरों का डेमो टेस्ट मार्च 2024 में जापान के कोडाइरा सिटी, टोक्यो में शुरू किया गया था, जो लगातार जारी है. यह टेस्ट ग्रीन स्लो मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए इन टायरों की उपयोगिता को परखने के लिए किया जा रहा था. हालांकि आम पैसेंजर कार इस्तेमाल करने वालों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस समय ब्रिजस्टोन इन एयरफ्री टायरों को कमर्शियल ट्रकों और अल्ट्रा कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों पर टेस्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि प्रोफेशनल फ्लीट वाहनों में मेंटेनेंस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए वहां यह तकनीक ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

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