रायपुर.
छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्थाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देशन में राज्य की जेलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इन्हीं प्रयासों का ही यह परिणाम है कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अम्बिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक आईएसओ 9001ः2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा जेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से आईएसओ सर्टिफिकेशन कराने की पहल की थी। यह प्रक्रिया पूर्ण कर राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों को प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस प्रमाणन से जेल प्रशासन में कार्य प्रक्रियाओं में एकरूपता एवं पारदर्शिता, बंदी कल्याण और मानवाधिकार संरक्षण को बढ़ावा, जोखिम प्रबंधन और जवाबदेही में सुधार, जनविश्वास एवं संस्थागत विश्वास में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य की सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य जेलों को केवल निरुद्ध स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित करना है।

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