जोधपुर
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने जालोर के ओडवाड़ा गांव में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगा दी हैं।
न्यायमूर्ति विनीत माथुर की एकलपीठ ने दो दर्जन से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को यह फैसला दिया। याचिकाओं में कहा गया कि उनके पास पट्टे है और वे पिछले 80 सालों से इन मकानों में रह रहे हैं। इस जगह के लिए राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार ने भी विकास का काम किया है और बिजली एवं पानी के कनेक्शन भी हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें अतिक्रमी नहीं माना जा सकता है।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक लगा दी। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के निर्णय 16 मार्च 2021 एवं अवमानना याचिका वर्ष 2022 पर पारित आदेश गत वर्ष 21 मार्च एवं अवमानना याचिका 2023 में पारित आदेश गत सात मई की पालना में ग्राम ओडवाड़ा की ओरण भूमि से गुरूवार को अतिक्रमण हटाये गये।

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