श्रीनगर.
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं प्रमुख मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को फिर से नजरबंद कर दिया गया है और वह लगातार दूसरी बार शुक्रवार की नमाज अदा नहीं कर पाये। मस्जिद के प्रबंधक अंजुमन औकाफ ने कहा कि यह दूसरा शुक्रवार है जब मौलवी फारूक को सामूहिक नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गय़ी है। उन्होंने कहा, “पिछले शुक्रवार से उनकी आवाजाही पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी थी। पत्रकारों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं थी।”
अंजुमन ने कहा कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष को उस वक्त नजरबंद किया गया है जब हाल ही में पांच जिलों में संसदीय चुनाव होने वाले हैं। श्रीनगर लोकसभा सीट पर सोमवार को मतदान कराया जाएगा। उन्होंने परेशानी जाहिर करते हुये कहा कि मौलवी को बार-बार हिरासत में लेना और शुक्रवार को जामिया मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोके जाने पर यहां के लोग भी दुखी हैं लेकिन मौजूदा समय में इसे धैर्य के साथ सहन करना है।
उन्होंने आशा व्यक्ति की कि लोग 25 मई को उच्च न्यायालय की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं, जब फारूक को पूर्ण रूप से नजरबंद से छुटकारा मिलेगी। गौरतलब है कि मौलवी फारुक ने पिछले साल सितंबर में बार-बार नजरबंदी से राहत पाने की मांग करते हुये, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में गुहार लगायी थी।

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