ग्वालियर
सामूहिक प्रयासों से पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार तीन प्रतिशत मतदान बढ़ा है। चुनाव के पहले दो चरणों में मतदान का प्रतिशत घटने से भाजपा रणनीतिकार चिंता के भंवर में फंसे नजर आ रहे थे। आज भी सूर्य ने आग के गोले बरसाने में कोई कमी नहीं छोड़ी और धरती भी तपी। बस क्षितिज पर कुछ समय के लिए राहत के बादल नजर आए।
मतदान का प्रतिशत बढ़ने से कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा ज्यादा खुश नजर आ रही है, क्योंकि भाजपा ने हर मतदान केंद्र पर 10 प्रतिशत मत बढ़ाने के संकल्प के साथ चुनाव लड़ा था। कांग्रेस भी बढ़े हुए मतदान पर अपना हक जताने में पीछे नहीं है। बढ़ा हुआ मतदान किस तरफ गया है, फिलहाल ईवीएम में बंद हो चुका है और चार जून को बाहर आएगा।
भाजपा कार्यकर्ता मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सफल हुए
भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में हर मतदान केंद्र पर 370 वोट बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही थी। हालांकि भीषण गर्मी के कारण दो चरणों में मतदान का प्रतिशत बढ़ने की बजाए गिरा था, लेकिन तीसरे चरण में मतदान का प्रतिशत बढ़ने से उत्साहित भाजपा का दावा है कि अंचल में 2019 के चुनाव के नतीजों को दोहराएगी और चारों सीटें भाजपा की छोली जाएंगीं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व प्रदेश विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी दावा किया कि अंचल की चारों सीटों पर भाजपा अच्छे मतों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। क्योंकि यह चुनाव राष्ट्र के विकास और मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए लड़ा था। मतदाता भी चाहता है कि विश्व में राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने वाले मोदी एक बार फिर देश की बागडोर संभालकर राष्ट्र को परम वैभव की और ले जाएंगे।
बढ़ा हुआ मतदान कांग्रेस के पक्ष में
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि यह इतिहास रहा है कि बढ़ा हुआ मतदान सत्ता के खिलाफ जाता है और प्रदेश के पहले दो चरणों में कम मतदान होने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ग्वालियर में ही दावा किया था कि कांग्रेस का कार्यकर्ता हताश और निराश होकर मतदान नहीं कर रहा है।
उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी कविता रानी का उदाहरण देते हुए अपने दावे को प्रमाणित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस का सवाल है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कथन के अनुसार तीसरे चरण में कांग्रेस कार्यकर्ता दो चरणों के मतदान के रूझान को देखकर मतदान के लिए उत्साहित हुआ है। कांग्रेस का दावा है कि बढ़ा हुआ मतदान उनके पक्ष में जाएगा।
गुणा-भाग में लगे दल
मतदान के बाद ईवीएम रात को ही एमएलबी के स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंच गईं। ईवीएम से जनादेश अब चार जून को बाहर आएगा। किंतु मतदान के बाद दोनों दल के नेता विधानसभा व मतदान केंद्रवार नफा-नुकसान का गणित लगाने में लग गया है।

More Stories
DGP कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट डेट पर विवाद, गृह विभाग ने कहा- बदलाव संभव नहीं
इंदौर में 23 अक्टूबर से सेमीकंडक्टर समिट, ₹6,200 करोड़ के निवेश पर नजर
MP Rajya Sabha Bypoll 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव का ऐलान, EC ने जारी किया शेड्यूल