पटना
बिहार में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) गठबंधन के दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर अनिश्चितता कुछ और समय जारी रहने की संभावना है तथा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद अपने पुत्र तेजस्वी यादव के साथ रविवार को दिल्ली रवाना हो गए। पार्टी ने हाल में प्रसाद को सीट वितरण और उम्मीदवार चयन पर अंतिम निर्णय लेने का ‘‘अधिकार'' दिया था।
बिहार में ‘‘महागठबंधन'' के रूप में जाने जाने वाले गठबंधन में राजद का दबदबा है। इस ‘‘महागठबंधन'' में कांग्रेस और वाम दल भी शामिल हैं। बाद में यही गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया' नाम से जाना जाने लगा। रविवार सुबह जब पिता-पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने आवास से रवाना हुए तो वहां मौजूद पार्टी के टिकट दावेदारों में निराशा फैल गई जिन्हें उम्मीद थी कि नेता उनकी बात सुनेंगे। सुरक्षाकर्मियों को 10, सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास से उन्हें हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। यह आवास मुख्यमंत्री निवास के ठीक सामने स्थित है। हवाई अड्डे पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, जबकि तेजस्वी यादव ने बस इतना कहा कि "सब ठीक है"। अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजद नेता दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।
मीडिया के एक वर्ग में आई खबरों के अनुसार, कांग्रेस का मानना है कि वह ‘वोटर अधिकार यात्रा' की सफलता के बाद राज्य में कमजोर नहीं रह गई है और वह लगभग उतनी ही सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है, जितनी उसने पांच साल पहले लड़ी थी। उस समय उसने 70 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से केवल 19 ही जीत पाए थे। राजद प्रमुख के एक करीबी सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “लालू जी और तेजस्वी जी दिल्ली इसलिए गए हैं, क्योंकि कल ‘नौकरी के बदले जमीन' मामले में सुनवाई की तारीख है। हालांकि वहां वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।”
राजद सूत्र ने कहा, “हमारा मन बन चुका है। हम 243 सीट में से कम से कम आधी सीट अपने पास रखेंगे। हमने 2020 के चुनाव में 140 से अधिक सीट पर चुनाव लड़ा था, इसलिए इस बार नए सहयोगियों को समायोजित करने के लिए यह पहले से ही एक तरह का ‘त्याग' है।” उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ही नहीं, बल्कि छोटे दलों को भी अपनी महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। तभी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ एक विश्वसनीय चुनौती खड़ी की जा सकती है।” पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। इस चरण में 121 सीट पर छह नवंबर को मतदान होगा।

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