महासमुंद
10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राएं तनाव में आकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दें. इसके लिए शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्राचार्यों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया.
राष्ट्रीय मानिसक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नवकिरण अकादमी में आयोजित कार्यशाला में महासमुंद जिले के 186 शासकीय हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य, जिले के पांच बीईओ, पांच बीआरसी शामिल हुए. मनोचिकित्सक व शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि आचरण के अनुसार बच्चों की कैसे पहचान करें, फिर उनके माता- पिता के सहयोग से कैसे बच्चों को तनाव मुक्त कर अप्रिय घटना होने से बचाएं, इन सभी बिन्दुओं पर विस्तार से बताया.
प्रशिक्षण के उपरांत प्राचार्य अपने स्कूल के दसवीं व बारहवीं के बच्चों की कांउसलिंग करके उनके माता-पिता के सहयोग से उन्हें तनाव मुक्त करेंगे. आयोजनकर्ता व चिकित्सक का कहना है कि आने वाले दसवीं व बारहवीं के परीक्षा परिणाम से तनाव ग्रस्त बच्चों को तनाव से मुक्ति दिलाना ही इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है. गौरतलब है कि इस वर्ष जिले के कुल 24,497 छात्र- छात्राओं ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा दी है.

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