फर्रुखाबाद
यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की।
बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।

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